महामारी का यह समय अभिशाप ही नहीं वरदान भी है। यह समय हमारी प्राचीनकाल की महान परम्पराओं में महामारी से लडने की व्यवस्थाओं की ओर हमारा ध्यान ले जाती है। इनमें से कुछ व्यवस्थायें यदि महामारी काल के बाद भी जीवन में बनायें रखी गयी तो निश्चय ही हमें दीर्घजीवी होने में सहायक होगी।
मैं मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग एवं सामूहिक भोज से बचने का प्रयत्न बनाये रखूँगा।