चित्रकूट धाम यात्रा- 2020
Saturday, January 25, 2020
चित्रकूट धाम यात्रा- 2020
24 जनवरी 2020 को अमावस्या के शुभ अवसर पर रामघाट में स्नान एवं कामतगिरी परिक्रमा करने के पश्चात पाल-टी स्टॉल, नौबस्ता, कानपुर एवं उनके सहयोगियों के द्वारा यादव धर्मशाला (रामघाट- प्रथम मुखारविन्द मार्ग), चित्रकूट में आयोजित भण्डारे में प्रसाद ग्रहण किया!
Sunday, January 19, 2020
माघ मास, नवमी, कृष्ण पक्ष योग आया
माघ मास, नवमी, कृष्ण पक्ष योग आया,
दो हजार पैतीस विक्रम संवत की छाया।
जब स्वाति विचरण कर रही नक्षत्रलोक,
चातक जातक बन धरा पर जन्म पाया।
माघ की दोपहर सूर्य की सरल आंच,
निरखी विद्वान रहे, जन्म लग्न बाच।
निरखी में पुष्प बरसे, सरहन देव हरषे,
मामा मामी आँगन, रहे हैं मोर नाच।
दो हजार पैतीस विक्रम संवत की छाया।
जब स्वाति विचरण कर रही नक्षत्रलोक,
चातक जातक बन धरा पर जन्म पाया।
माघ की दोपहर सूर्य की सरल आंच,
निरखी विद्वान रहे, जन्म लग्न बाच।
निरखी में पुष्प बरसे, सरहन देव हरषे,
मामा मामी आँगन, रहे हैं मोर नाच।
Saturday, January 18, 2020
आप मेरी रचना को ध्यान से नहीं सुन रहे हैं
जब मैं मंचों से सुनता हूं कि आप मेरी रचना को ध्यान से नहीं सुन रहे हैं, आप मुझ पर ध्यान नहीं दे रहे तो मुझे बड़ा कष्ट होता है क्योंकि मुझे लगता है कि आपकी रचना सुनने लायक है तो निश्चय ही श्रोता ध्यान से सुन लेंगे अन्यथा नहीं सुनेंगे और यह कह कर के लोग कही न कही अपनी दयनीय स्थिति को दिखा देते है।
Tuesday, January 14, 2020
मेरी भेंट मेरे साहित्यिक गुरु आदरणीय श्री कमलेश द्विवेदी जी से
आज मुझे बहुत हर्ष का अनुभव हुआ, जब राम जानकी वाटिका गेस्ट हाऊस, कानपुर में आयोजित खिचड़ी भोज कार्यक्रम के अवसर पर मेरी भेंट मेरे साहित्यिक गुरु आदरणीय श्री कमलेश द्विवेदी जी से हुयी और इस भेंट में मेरी उनसे काफी आत्मीय चर्चा हुयी।
वर्ष 2003- 2004 के उन पलों की भी मैंने उनसे चर्चा की, जब मैंने पहली बार उनकी कविताओं को जिला अधिवक्ता संघ, इलाहाबाद के द्वारा इलाहाबाद जिला न्यायालय के परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में सुना था।
Subscribe to:
Posts (Atom)