Sunday, February 5, 2023

अपना स्थान दूसरे को

30 जनवरी 2023 को मैं शिवाजी इण्टर कालेज, बख्तौरीपुरवा के पास भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बनाए गए सहायता केंद्र पर कार्यकर्ताओं के साथ था।

दोपहर दो बजे के लगभग मैं आवास विकास, हंसपुरम में बने भारतीय जनता पार्टी के सहायता केंद्र पर चला गया।

कुछ समय बाद वहा पर आदरणीय पाठक जी भाई साहब (श्री अरुण पाठक जी) आये, तो कार्यकर्ता उनके साथ फोटो खिंचवाने लगे।

एक कार्यकर्ता जो कि मेरा पूर्व परिचित भी नही था, की भाव भंगिमा से मुझे लगा कि वह उनके बगल में खडा होकर फोटो खिंचवाना चाहता है। मैंने उस कार्यकर्ता को आदरणीय पाठक जी भाई साहब (श्री अरुण पाठक जी) जी के बगल में खडा कर दिया।

आदरणीय पाठक जी भाई साहब (श्री अरुण पाठक जी) के जाने के बाद उस कार्यकर्त्ता ने मेरा मोबाइल नंबर मांगा। मैंने पूछा किसलिए- उसने कहा भैया आज तक मैंने किसी भी व्यक्ति को अपना स्थान दूसरे को देते हुए नहीं देखा।

मैंने उसे अपने इंस्टाग्राम का प्रोफाइल @vikpandey दिखाया और बताया कि मेरे पास बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने के स्थान की कभी कमी नहीं रही।
उसने कहा कि भैया स्थान होने के बाद भी लोग स्थान नहीं देते हैं।

मैं अभी तक विचार कर रहा हूँ।


विकास पाण्डेय 

Wednesday, March 23, 2022

मेरे बेटा- बेटी के लिए!

बसी दिलों में बस्ती है
राजकुँवर सी हस्ती है
हँस कर जग जीता तूने
जग में तेरी मस्ती है


- विकास पाण्डेय

Saturday, July 3, 2021

पात्र एवं प्रतीकों पर गहनता से चिंतन

मेरे साहित्य सृजन का उद्देश्य केवल कविता लिखना मात्र नहीं होता, मेरी रचनाओं का उद्देश्य पात्र सृजन होता है।

मैं किसी भी रचना का सृजन करते समय पात्र एवं प्रतीकों पर गहनता से चिंतन अवश्य करता हूँ।


विकास पाण्डेय

Saturday, June 26, 2021

स्वेच्छा होती है, बाध्यता नही

यदि कोई व्यक्ति आपकी बात मानता है और आपके विचारों का अनुसरण करता है तो आप उसके प्रति आभार प्रकट करें क्योंकि किसी भी व्यक्ति की बात को मानना व्यक्ति की स्वेच्छा होती है, बाध्यता नही।

Sunday, June 20, 2021

अनुमान एवं संभावना

मैं दूसरों के बारे में अनुमान एवं संभावना व्यक्त करने से बचता हूँ क्योंकि यह आवश्यक नहीं है कि मैंने जिसके बारे में अनुमान या संभावना व्यक्त किया है, वह मेरे अनुमान एवं संभावना के अनुकूल ही निकले, किंतु मेरे अपने द्वारा किए गए अनुमान एवं संभावना से मेरे स्वयं के आबद्ध होने का भय अवश्य बना रहेगा।



विकास पाण्डेय

Friday, May 14, 2021

मोदी जी कर्तव्यनिष्ठ हो करके अपने कार्यों में लगे हुए है और लगे रहेंगे।

कुछ लोग मोदी जी का विरोध करते समय शब्दों की मर्यादा तक भूल जाते हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि विरोध करना कोई बुरी बात नहीं है। लोकतंत्र में यह एक अच्छी चीज है किंतु विरोध करते समय अपनी शब्दों की मर्यादा का विशेष ख्याल रखना चाहिए कि कौन सा शब्द किसके लिए बोलना चाहिए, किसके लिए नहीं बोलना चाहिए और कुछ शब्द बोलने से पहले हजार बार सोच लीजिए।

आपके शब्दों से मोदी जी का परिचय मिले या न मिले आपके अपने व्यक्तित्व का परिचय अवश्य मिल जाता है।

रही बात मोदी जी की तो वह कर्तव्यनिष्ठ हो करके अपने कार्यों में लगे हुए है और लगे रहेंगे।

Sunday, April 11, 2021

श्री कमलेश शुक्ल जी (अधिवक्ता, उच्च न्यायालय इलाहाबाद) को विनम्र श्रद्धांजली

आज मुझे अपने गुरु जी श्री कमलेश शुक्ल जी (अधिवक्ता, उच्च न्यायालय इलाहाबाद) की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुयी! मन में अत्यधिक पीड़ा का अनुभव हुआ।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लगभग 10 वर्षों तक उन्होंने अपनी छत्रछाया में मुझे बहुत कुछ सिखाया! उनके जाने से मुझे अत्याधिक खालीपन का अनुभव हो रहा है, जैसे किसी की कोई अमूल्य वस्तु उससे छीन ली गयी हो!

कभी- कभी सर के चैम्बर में बैठकर बहुत सारी चर्चा और कभी- कभी कुछ चर्चाओं से हंसकर मन हल्का कर लेते थे। एक शिष्य के प्रति जो गुरु के दायित्व होते है, उन्होंने सदैव उनका निर्वाहन किया।

मैं आज अपने गुरु जी श्री कमलेश शुक्ल जी के अन्तिम दर्शन भी नहीं कर पाया!

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।