Wednesday, October 3, 2012
Monday, September 3, 2012
Wednesday, August 15, 2012
विचार:- व्यक्तित्व की शक्ति
शारीरिक शक्ति से अधिकतम सौ विरोधियो को जीता जा सकता है किन्तु व्यक्तित्व की शक्ति से हजारो, लाखो या करोडों लोंगो को जीता जा सकता है अतः शरीर निर्माण के साथ-साथ व्यक्तित्व निर्माण भी आवश्यक है
जब हम संसार में नहीं होते है तब भी हमारा व्यक्तित्व जीवित रह कर हमारे जीवन को अज़र, अमर और शाश्वत बना देता है
जब हम संसार में नहीं होते है तब भी हमारा व्यक्तित्व जीवित रह कर हमारे जीवन को अज़र, अमर और शाश्वत बना देता है
Sunday, August 12, 2012
मेरे विचार
हम ईश्वर को मंदिर में तो देखने जाते है पर क्या हम कभी उसे अपने ह्रदय में भी देखने की कोशिश की करते है सच तो यह है की जहा ईश्वर रहता है हम वहा जाते भी नहीं है यदि वो हमें दिख भी जाता तो हम अपने नेत्रों को दूसरी दिशा में घुमा लेते है
Thursday, January 26, 2012
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
कभी आँखे कभी आंसू,
कभी ख़ुशी बनकर मुस्करायेगे,
कभी सावन की बूंदों में,
कभी पतझड़ के पत्तो में,
आकर तुम्हारी बगिया में बिखर जायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
जीत पर तो सभी खुशिया मनाते है,
हम हार कर भी तुम्हारी जीत की खुशिया मनायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
यदि भूलकर भी आप किसी फूल को उठायेगे.
हम उसमे ख़ुशबू बनकर महक जायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
कभी आँखे कभी आंसू,
कभी ख़ुशी बनकर मुस्करायेगे,
कभी सावन की बूंदों में,
कभी पतझड़ के पत्तो में,
आकर तुम्हारी बगिया में बिखर जायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
जीत पर तो सभी खुशिया मनाते है,
हम हार कर भी तुम्हारी जीत की खुशिया मनायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
यदि भूलकर भी आप किसी फूल को उठायेगे.
हम उसमे ख़ुशबू बनकर महक जायेगे,
हम वो पल है जो हमेशा याद आयेगे,
हवा का वो झौका नहीं जो छूकर दूर जायेगे,
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