Saturday, November 30, 2019

साहित्यिक चिंतन

मेरे साहित्यिक चिंतन का केंद्र बिंदु मंचीय मोह पाश से मुक्त शाश्वत साहित्य है।

मैं चाहता हूं कि मैं अपने जीवन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए सभी पात्रों को अपने साहित्य के माध्यम से अजर , अमर एवं शाश्वत् बना दूँ।