Saturday, June 6, 2020

उजास

साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था उजास के स्थापना दिवस के अवसर पर उजास को समर्पित मेरे दो मुक्तक




साहित्य का रास है
कवित्व का विकास है
आभा के हृदय के पुष्प
उजास का प्रयास है


शब्दों से बहती झीलें
कविताओं के पुष्प खिले
आभा संग उजास से
कानपुर को रत्न मिले



विकास पाण्डेय