कुछ लोग मोदी जी का विरोध करते समय शब्दों की मर्यादा तक भूल जाते हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि विरोध करना कोई बुरी बात नहीं है। लोकतंत्र में यह एक अच्छी चीज है किंतु विरोध करते समय अपनी शब्दों की मर्यादा का विशेष ख्याल रखना चाहिए कि कौन सा शब्द किसके लिए बोलना चाहिए, किसके लिए नहीं बोलना चाहिए और कुछ शब्द बोलने से पहले हजार बार सोच लीजिए।
आपके शब्दों से मोदी जी का परिचय मिले या न मिले आपके अपने व्यक्तित्व का परिचय अवश्य मिल जाता है।
रही बात मोदी जी की तो वह कर्तव्यनिष्ठ हो करके अपने कार्यों में लगे हुए है और लगे रहेंगे।