मैं दूसरों के बारे में अनुमान एवं संभावना व्यक्त करने से बचता हूँ क्योंकि यह आवश्यक नहीं है कि मैंने जिसके बारे में अनुमान या संभावना व्यक्त किया है, वह मेरे अनुमान एवं संभावना के अनुकूल ही निकले, किंतु मेरे अपने द्वारा किए गए अनुमान एवं संभावना से मेरे स्वयं के आबद्ध होने का भय अवश्य बना रहेगा।
विकास पाण्डेय