Saturday, October 12, 2019

मानव रूपी देव

मैं भगवान को मंदिर में ही नहीं अपने पड़ोस में भी देखता हूं क्योंकि पड़ोस में बसे हुए मानव रूपी देवताओं की सेवा करके मैं अपने आपको धन्य समझता हूं।