आप मेरी रचना को ध्यान से नहीं सुन रहे हैं
जब मैं मंचों से सुनता हूं कि आप मेरी रचना को ध्यान से नहीं सुन रहे हैं, आप मुझ पर ध्यान नहीं दे रहे तो मुझे बड़ा कष्ट होता है क्योंकि मुझे लगता है कि आपकी रचना सुनने लायक है तो निश्चय ही श्रोता ध्यान से सुन लेंगे अन्यथा नहीं सुनेंगे और यह कह कर के लोग कही न कही अपनी दयनीय स्थिति को दिखा देते है।