Tuesday, January 14, 2020

मेरी भेंट मेरे साहित्यिक गुरु आदरणीय श्री कमलेश द्विवेदी जी से

आज मुझे बहुत हर्ष का अनुभव हुआ, जब राम जानकी वाटिका गेस्ट हाऊस, कानपुर में आयोजित खिचड़ी भोज कार्यक्रम के अवसर पर मेरी भेंट मेरे साहित्यिक गुरु आदरणीय श्री कमलेश द्विवेदी जी से हुयी और इस भेंट में मेरी उनसे काफी आत्मीय चर्चा हुयी।


वर्ष 2003- 2004 के उन पलों की भी मैंने उनसे चर्चा की, जब मैंने पहली बार उनकी कविताओं को जिला अधिवक्ता संघ, इलाहाबाद के द्वारा इलाहाबाद जिला न्यायालय के परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में सुना था।