चातक
Tuesday, August 25, 2020
धर्मसंकट से मुक्त
कभी- कभी किसी से प्राप्त अप्रिय एवं अनापेक्षित व्यवहार से हमें कुछ धर्मसंकट से मुक्त होकर व्यवहार करने की प्रेरणा प्राप्त होती है। वैसे भी चिन्तन मात्र शुभचिंतकों एवं समर्पित लोगों तक ही केन्द्रित रखकर जीवन का आनन्द लेना चाहिये।
विकास पाण्डेय
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