चातक
Friday, August 21, 2020
स्नेह एवं समर्पण
अनासक्त भाव से जीवन का आनन्द लेते हुये आगे बढ़ता रहता हूँ!
स्नेह एवं समर्पण के बंधन से बंधे हुये लोगों के प्रति दायित्व के निर्वाहन से प्रसन्नता की प्राप्ति करता रहता हूँ।
विकास पाण्डेय
Newer Post
Older Post
Home