Wednesday, August 28, 2019

अपेक्षा

एक मेरे अधिवक्ता मित्र जो कि उच्च न्यायालय में भारत सरकार के अधिवक्ता हैं ने कहा कि विकास अगर तुम हाईकोर्ट में बने रहोगे तो एक दिन तुम डायरेक्ट जज बनोगे!
उसी शाम एक मेरे मित्र ने कहा कि विकास तुम कब वरिष्ठ अधिवक्ता बनोगे!
व्यक्ति आपकी योग्यता को देखकर ही आप से अपेक्षा रखता है।



हे! ईश्वर मुझे इतनी शक्ति देना कि मैं इन सभी शुभचिन्तकों की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकूं!




यह वही उच्च न्यायालय हैं जहां पर मेरे दूर के एक रिश्तेदार एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल हुआ करते थे जो मुझे घास तक नहीं डालते थे और यह वही उच्च न्यायालय है जहाँ राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता भी मुझे जानते है। जिस उम्र में लोग परिचय के मोहताज होते है, उस उम्र में मुझे उन लोगों की शुभकामनायें मिलती है जिनसे लोग परिचय बनाने के अवसर पाना चाहते है।




किसी शायर ने बहुत खूबसूरत कहा है -

मंजिल मिले ना मिले मुझे इसका गम नही
मंजिल की जुस्तजू मेरा कारवां तो है






 विकास पाण्डेय