चातक
Friday, July 3, 2020
आशाओं का दीपक हूँ मैं,
न जाने कितनी आशाओं का दीपक हूँ मैं, इसीलिये घर के अन्दर रह कर स्वयं को सुरक्षित रखता हूँ। विकास पाण्डेय
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