Tuesday, July 21, 2020

समानता एवं श्रेष्ठता

जीवन में दुख का कारण समानता एवं श्रेष्ठता है। जो व्यक्ति समानता एवं श्रेष्ठता के भाव से मुक्त है , वह सदैव प्रसन्न रहता है। स्मरण रखना चाहिए कि ईश्वर दो व्यक्तियों को एक समान नहीं बनाता!